Thursday, September 15, 2011

तमाशा के पुरोधा को अश्रुपूर्ण विदाई

जयपुर . गोपीजी के नाम से प्रसिद्ध तमाशा के वयोवृद्ध कलाकार गोपीकृष्ण भट्ट का बुधवार को ब्रह्मपुरी के कागदीवाड़ा श्मशान में अंतिम  संस्कार हुआ। गोपीजी के पुत्र रंगकर्मी दिलीप भट्ट और शेखर शेष ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में रंगकर्मी और संगीतकार भी मौजूद थे। गोपीजी के निधन से सभी कलाकार शोक संतप्त दिखाई दिए। कइयों की आंखें उस समय नम हो गईं जब उन्हें चिता पर लिटाया गया। उनके पर मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों को टेलीग्राम के जरिए संवेदना व्यक्त की। ध्रुवपद गायक पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग और मोहनवीणा वादक पं. विश्वमोहन भट्ट ने गोपीजी के निधन को संगीत जगत की भी अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि वो एक उच्च कोटि के शास्त्रीय गायक भी थे। शहर में दिनभर कई संगठनों ने शोकसभाएं कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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