Thursday, September 09, 2010

फूलों के झरोखे में विराजे गणपति, मेहंदी पूजन व सिंजारा कल

गणेश चतुर्थी महोत्सव : लाखों की श्रद्धा, सवा लाख मोदक
जयपुर . गणेश चतुर्थी महोत्सव के तहत बुधवार को मोतीडूंगरी गणेशजी को फूलों के झरोखे में विराजमान किया गया। इस मौके पर मंगला आरती के साथ गणेशजी के समक्ष सवा लाख मोदकों की झांकी सजाई गई। सुगंधित पुष्पों के साथ सजी झांकी में 251 किलो के 3 मोदक, 5 मोदक 51 किलो के, 21 मोदक 21 किलो के, 108 मोदक 1.25 किलो के व अन्य साधारण मोदकों की झांकी सजाई गई। गुरुवार शाम कथक नृत्य का शुभारंभ होगा। शुक्रवार को मेहंदी पूजन व सिंजारा होगा। इस मौके पर शाम 7 बजे भगवान गणेश का विशेष शृंगार किया जाएगा।
180 वर्ष पुराना मुकुट धारण करेंगे
गणेश चतुर्थी पर शनिवार को मोतीडूंगरी गणेशजी प्रत्येक झांकी में बदले स्वरूप में नजर आएंगे। गणपति को अलग-अलग झांकियों में नई पोशाक धारण कराई जाएगी। उनके साथ में रिद्धि—सिद्धि, लाभ—शुभ और उनका वाहन चूहाराज भी अलग स्वरूप में नजर आएगा। महंत कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रत्येक पोशाक 28 मीटर लंबी होगी। इसके साथ ही करीब 180 वर्ष पुराना स्वर्णमंडित मुकुट भी धारण करेंगे। प्रत्येक झांकी में स्वर्णमंडित मुकुट व चांदी की धोती को छोड़कर गणपति का अलग-अलग दुपट्टा और कुर्ता होगा। वहीं लाभ-शुभ के लिए कुर्ता टोपी, रिद्धि-सिद्धि के लिए लहंगा व ओढऩी और चूहाजी के लिए झाला होगा। यह सिलसिला एक दिन पहले शुक्रवार को मेहंदी पूजन से शुरू हो जाएगा।
हर झांकी में बदलेगा गणपति का स्वरूप
मेहंदी पूजन पर भगवान को लाल रंग की बारीक गोटे की पोशाक धारण कराई जाएगी। दूसरी पोशाक मंगला झांकी में पहनाई जाएगी। विशेष सलमा सितारों की यह पोशाक सिंदूरी रंग की होगी। शृंगार झांकी में सितारों से जड़ी पीले रंग की पोशाक पहनाई जाएगी। इसके अलावा राजभोग झांकी में लाल रंग की पोशाक होगी। वहीं धूप आरती व संध्या आरती में नारंगी रंग की विशेष साज-सज्जा वाली पोशाक धारण करवाई जाएगी।
बंगाली बाबा आश्रम में चतुर्थी महोत्सव आज से
बंगाली बाबा आत्माराम ब्रह्मचारी गणेश मंदिर ट्रस्ट की ओर से दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा आश्रम के गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव गुरुवार से शुरू होगा। उत्सव के तहत पहले दिन सुबह 10 बजे महाध्वजार्पण किया जाएगा। शुक्रवार को सिंजारा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सौभाग्यदायिनी गौरीश्वर अर्चन व मेहंदी अर्पण का कार्यक्रम होगा। 11 सितंबर को सुबह पंचामृत अभिषेक, फूल बंगला दर्शन, स्तोत्रपाठ, मोदक अर्पण व गणपति सहस्रनामावली पाठ आयोजित किए जाएंगे। शाम को भजन आराधना व डांडिया नृत्य का कार्यक्रम नृत्याचार्य अविनाश शर्मा के निर्देशन में आयोजित होगा।
पदयात्रा रवाना
धार्मिक विकास समिति की ओर से बुधवार को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से सत्यपुरी धाम के लिए पदयात्रा रवाना हुई। पदयात्रा टोंक रोड बारह मील, वाटिका मोड़ हनुमान मंदिर होकर गुरुवार को सत्यपुरी धाम पहुंचेगी।

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