Tuesday, February 23, 2010

हिंडौन सिटी के हरदेवजी मंदिर में फागोत्सव


हरदेवजी मंदिर में आयोजित फाग महोत्सव में होली गीतों पर नृत्य करती महिलाएं।

 हिंडौनसिटी स्थित हरदेवजी मंदिर में 21 फरवरी, 2010 (रविवार) को श्रीहरदेव कला मंडल, हिंडौन की ओर से फागोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें कला मंडल से जुडे गायकों ने कई होली गीत प्रस्तुत किए। इन गीतों पर महिलाओं ने नृत्य किए। होली गीतों को सुनने के लिए काफी संख्या में महिला-पुरुष एकत्रित हुए। वरिष्ठï साहित्यकार जयगोविंद वैंदिल के संचालन में आयोजित हुए फागोत्सव की विधिवत शुरुआत हरदेव कला मंडल के गायक छोटेलाल सारस्वत ने गणेश वंदना प्रथम सुमिर गणराज फाग, हम तोही से मनावा..., प्रस्तुत कर की। छैलबिहारी पाठक ने या कुन्देन्दु तुषार हार धवला..,गीत के साथ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके अलावा हेमंत सोनी और कृष्णबिहारी पाठक ने हरदेव की देहरी पे सिरधरी के बृज गोकुल नंद बखान करो..., गाकर हरदेव वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद छोटेलाल सारस्वत ने खेलत सखियन संग होरी, मदनमोहन बृषभान किशोरी, राग वागेश्वरी ताल-त्रिताल के साथ होली गीत प्रस्तुत किया। छैलबिहारी पाठक ने राग-काफी-ताल दीपचंदी के साथ होरी हो बृजराज दुलारे...,गीत की प्रस्तुति दी। वासुदेव पाठक ने मेरो लाल कृष्ण कन्हैया, होरी में कैसे बचेगो..., गीत प्रस्तुत किया। ओमप्रकाश सारस्वत ने मत मारो पिचकारी, श्याम अब दऊंगी मैं गारी...,गीत प्रस्तुत किया। इस पर महिलाओं ने खूब नृत्य किया। लक्ष्मीकांत सोनी ने जशोदा तेरे लाला ने आज, मेरी चूनर रंग में बोर दई...,रसिया की प्रस्तुति दी। कृष्णबिहारी पाठक ने डारत केसर पिचकारी, सखी मौपे कुंवर कन्हैया.., होली गीत प्रस्तुत किया। श्रीमती लक्ष्मी शर्मा ने कान्हा तोसे नैना लागे, आई होली आई...,गीत की प्रस्तुति दी। कुमोदिनी, रेखा, माया, मीरा व अंजू ने हूरंगा मचो रे राधेजी के द्वार पे..., एवं होरी खेलन आयो श्याम, आज याहि रंग में बोरो री..., तथा आज जइयो श्याम बरसाने गांव, तोय होरी को मजा चखा दूंगी..,गीत प्रस्तुत किए। देवी ने राम लखन सिया जानकी गीत प्रस्तुत किया। रामबाबू शर्मा, टीकमचंद शर्मा चटीकना करौली ने भंवर बनो बैठयो रहियो, चल मेरी ससुराल.., तथा मत मारो दृगन की चोट रसिया होरी में मेरे लग जाएगी...,गीतों की प्रस्तुति दी। छैलबिहारी पाठक ने श्रवण सुनत कर जात पाप सब, सियावर राम खेलो होरी तथा होरी को खिलारी श्यामरो रे श्रीराधे को यार...,गीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा ओमप्रकाश सारस्वत, कृष्णबिहारी पाठक, लक्ष्मीकांत सोनी, मुकेश शर्मा, लक्ष्मीशर्मा व छोटेलाल ने भी कई होली गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में अजय पाठक ने तबला, ओमप्रकाश सारस्वत ने ढोलक और कृष्णबिहारी पाठक ने हारमोनियम पर संगत दी। इस अवसर पर अतिथियों का गुलाल लगाकर और पटका ओढाकर सम्मान किया। साहित्यकार जयगोविंद बैंदिल ने अपनी रस मंजूषा पुस्तक गोविंद सतसई का वितरण किया।

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