Sunday, December 16, 2012

विप्र महाकुंभ में जुटे प्रदेशभर के ब्राह्मणबंधु























पिछले पांच सालों में किसी समाज का अब तक शहर में सबसे बड़ा आयोजन
जयपुर . सीकर रोड पर भवानी निकेतन में रविवार को ऐतिहासिक विप्र महाकुंभ हुआ। पिछले पांच सालों में किसी समाज का ये अब तक का सबसे बड़ा आयोजन था। करीब छह घंटे चले विप्र महाकुंभ में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर स्वर मुखर हुए। इस पर वक्ताओं ने सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण की पैरवी की।
आरक्षण पर हो पुन: विचार : मुरली मनोहर
आरक्षण किसे मिलना चाहिए, किसे नहीं मिलना चाहिए। इस पर पुन: विचार होना चाहिए। समाज के निचले हर गरीब तबके को आरक्षण का लाभ मिलना ही चाहिए। आरक्षण की जो मांग उठाई है उसका हल निकलना चाहिए। राज्यसभा में बहस हो चुकी है हमारी पार्टी भी सोमवार को बैठक करेगी। पूरी ताकत से मैं साथ रखूंगा। यह कहना था मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी का। उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग खुद को असहाय महसूस कर रहा है। ये देश के लिए घातक है। देश के नवयुवक भविष्य को लेकर आशंकित हैं। इससे अव्यवस्था होगी, समाज में बिखराव आएगा। इस तरह का बिखराव कभी-कभी हिंसात्मक रूप भी ले लेता है। आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए।
आरक्षण और पदोन्नति में आरक्षण एक समस्या : सी.पी.जोशी
केंद्रीय परिवहन मंत्री सी.पी.जोशी ने कहा कि आरक्षण और पदोन्नति में आरक्षण एक समस्या है। इसे मिलजुल हल करना होगा। आर्थिक दृष्टि से आरक्षण के लिए नए तरीके से लोकतंत्र में उठाना होगा। आर्थिक आधार पर आरक्षण से कोई पार्टी ब्राह्मणों को वंचित नहीं रख सकती। नई सदी के आरक्षण को जो रूप नजर आ रहा है, आधार कार्ड योजना से 100 करोड़ लोगों की पहचान हो जाएगी। देश में आर्थिक आधार पर हर वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होना चाहिए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ है। ते इस चुनौती पर प्रकाश डालें।
बीकानेर में बसों पर हमला शर्मनाक : सांसद
विप्र महाकुंभ में शामिल होने के लिए शनिवार देर रात बीकानेर से आ रही बसों पर हमले की नीयत से घेर लेने की घटना को स्वागताध्यक्ष सांसद महेश जोशी ने सरकार के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने इसे सुनियोजित तरीके से आक्रमण का प्रयास बताया। रात्रि में संयोजक गोपाल शर्मा व फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने मामला शांत करवाया।
करौली व भरतपुर की घटना पर गुस्सा
आरंभ में सांसद महेश जोशी के भाषण पर युवकों में आक्रोश नजर आया। उन्होंने आरक्षण के मामले में बोलने का इशारा किया और नारे बाजी की। इस दौरान महाकुंभ संयोजक को व्यवस्था संभालनी पड़ी। इस बीच सांसद करीब दस मिनट भाषण के इंतजार में खड़े रहे। उधर करौली और भरतपुर की घटना का भी भारी विरोध हुआ। दस मिनट इंतजार के बाद बोले सांसद महेश जोशी ने भरतपुर कलेक्टर का प्रस्ताव पत्र पढ़कर सुनाया। इसमें कुम्हेर में मारे गए ब्राह्मण युवकों को पांच पांच लाख रुपए और घायलों को एक-एक लाख रुपए देने का प्रस्ताव था। सांसद ने कहा कि कलेक्टर के प्रस्ताव को हम मंजूर करवाएंगे। उन्होंने सवर्णों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण मंजूर कराने की पूरी कोशिश करेंगे।
संवैधानिक आयोग बनाकर हो निर्णय
विप्र महाकुंभ के सफल आयोजन से ब्राह्मण समाज में नए नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरे मुख्य संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि सवर्णों को आरक्षण व पदोन्नति पर आरक्षण का सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अक्षरश: पालन होना चाहिए। ये बात करने के लिए मुझे कोई टिकट की आवश्यकता नहीं है। भारत के संविधान ने कभी आरक्षण को उपयुक्त नहीं माना। इसे दस साल के लिए लागू किया गया था। संवैधानिक आयोग बनाकर इसका निर्णय होना चाहिए। जब तक इसे समाप्त करने की आदर्श स्थिति नहीं आती, तब तक 14 प्रतिशत आरक्षण सवर्णों को मिलना ही चाहिए। पुजारियों से जमीन छीन ली। विधानसभा भवन मंदिर माफी की जमीन पर है। यदि भगवान नाबालिग हैं तो पूरी जमीन पुजारियों की है। उसे उसका हक मिलना चाहिए।
देवनारायण बोर्ड की तर्ज पर बने परशुराम बोर्ड
महाकुंभ में परशुराम विश्वविद्यालय बनाने की मांग रखी गई। महाकुंभ के राष्ट्रीय महामंत्री सुशील ओझा ने राज्य सरकार से 50 एकड़ जमीन की मांग की। इस दौरान देवनारायण बोर्ड की तर्ज पर भगवान परशुराम बोर्ड बनाने की मांग भी उठी।
पदोन्नति में आरक्षण नहीं तो उठाओ हाथ
सर्व ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि यदि पदोन्नति में आरक्षण नहीं चाहिए तो सभी नेता व समाजबंधु हाथ उठाकर उनका समर्थन करें। हालांकि इस दौरान मंच पर बैठे अलग-अलग दलों के लोग शांत बैठे रहे।
समाज के विकास व परशुराम विवि के लिए जमकर चला घोषणाओं का दौर
महाकुंभ में समाज के विकास और परशुराम विवि के लिए जमकर घोषणाओं का दौर चलता रहा। फाउंडेशन के सदस्य रतन शर्मा ने विप्र बैंक के लिए हर साल एक करोड़ रुपए देने के साथ ही उन्होंने पांच करोड़ रुपए की एफडी भी करवाई। प्रदेशाध्यक्ष अनुराग शर्मा ने भी परिवार की ओर से परशुराम विश्वविद्यालय के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। राष्ट्रीय मंत्री राज के.पुरोहित ने कहा कि ब्राह्मण समाज कई जाति-उपजातियों मं बंटा है इसे एक मंच पर लाना जरूरी है। हरियाणा गौड़ ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर शर्मा ने कहा कि पूरे राज्य की 200 शाखाओं को जोडऩा सराहनीय है। उन्होंने ब्राह्मण बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग के लिए विप्र फाउंडेशन को हरियाणा छात्रावास में हॉल दिलाने की बात कही। गौड़ ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष विजय हरितवाल ने भगवान परशुराम विश्वविद्यालय के लिए पचास प्रतिशत सहयोग की घोषणा की। वित्त आयोग के अध्यक्ष बी.डी कल्ला ने भी अपनी एक माह की आय विवि को देने की बात कही। पूर्व पार्षद रास बिहारी ने दो लाख, ब्राह्मण नेता सोमेंद्र शर्मा ने 11 लाख रुपए देने की घोषणा की।
आर्थिक आधार पर आरक्षण के समर्थन में सभी एकजुट
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा, महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता शर्मा, चिकित्सा राज्य मंत्री राजकुमार शर्मा, विधायक राजकुमार रिणवा, वित्त आयोग अध्यक्ष बी.डी.कल्ला, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ललित किशोर चतुर्वेदी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन किया।
कलश यात्रा से हुई अगवानी
देशभर में भ्रमण कर अजमेर रोड पर हीरापुरा सरकारी स्कूल में आए सात समुद्र, सात नदियों और कल्प वृक्ष के बीज के पवित्र कलश का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद अंबाबाड़ी के संकटमोचन हनुमान मंदिर से गाजे-बाजे के साथ 1100 महिलाएं कलश लिए रवाना हुई, जो विभिन्न मार्गों से होकर कार्यक्रम स्थल पहुंची।
महाकुंभ में पांच मंच
महाकुंभ में अलग-अलग पांच मंच बनाए गए। इनमें पहला मंच सामाजिक समरसता, इसमें हर वर्ग के पदाधिकारी बैठे हुए थे। दूसरा कर्मयोगी मंच जिस पर समाज के वे लोग थे जिन्होंने अपने क्षेत्र में बुलंदियों को छुआ, तीसरे मंच पर पर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि बैठे हुए थे। चौथा मंच महर्षि मंच, इस मंच पर संत-महंत विराजमान थे। पांचवां मंच समर्पित साधक मंच था।
शहर के सभी संत भी एक मंच पर
विप्र महाकुंभ में आशीर्वाद स्वरूप सभी संतों को आमंत्रित किया गया। इस मौके पर गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य, काले हनुमानजी मंदिर के महंत गोपाल शर्मा, महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम भारती व बालमुकुंदाचार्य, ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़, पं.केदारनाथ शर्मा सहित कई लोग शामिल थे।

1 comment: