Thursday, February 16, 2012

जयपुर की 11 वर्षीय प्रसन्नता को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

जयपुर . गणतंत्र दिवस पर हाउसिंग बोर्ड, शास्त्री नगर जयपुर निवासी ब्रजेश शांडिल्य की 11 वर्षीय बेटी प्रसन्नता को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उसे यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली में एक समारोह में प्रदान किया। वर्ष 2011 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित 24 बच्चों में प्रसन्नता का भी चयन किया गया था। हाइकोर्ट में एडवोकेट लक्ष्मीकांत शांडिल्य ने बताया कि उनके बड़े भाई ब्रजेश झारखंड के गोड्डा जिले में जिंदल स्टील पावर लिमिटेड में तैनात थे। 12 अप्रैल, 11 की रात हथियारबंद 5 डकैतों ने उनके घर पर हमला कर दिया। प्रसन्नता की नींद खुली तो डकैत उसके पिता ब्रजेश को लाठी-सरियों से पीट रहे थे। प्रसन्नता की मां कल्पना को भी पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था। एक डकैत ने प्रसन्नता के भी लातें मारीं, लेकिन वह कमरे से चुपचाप निकलकर रसोई में गई। फिर मिर्च पाउडर लाकर डकैतों की आंखों में फेंक दिया। इससे डकैत घबराकर भाग निकले। इसके बाद प्रसन्नता ने पापा के दोस्तों को फोन कर घटना की सूचना दी। फिर घायल माता-पिता को अस्पताल पहुंचाया। इसी तरह उसने अपने मम्मी-पापा व तीन वर्षीय भाई हर्ष की जान बचा ली। कक्षा छठी की छात्रा प्रसन्नता ने बताया कि टीवी पर सीआईडी धारावाहिक देखने से डकैतों से मुकाबला करने की प्रेरणा मिली। इन दिनों उसके पिता ब्रजेश उड़ीसा में जिंदल स्टील पावर लिमिटेड में सीजीएम हैं।

2 comments:

  1. शाबाश ! प्रसन्नता.
    सदा सुखी और प्रसन्न रहो.
    सुन्दर जानकारी के लिए आभार,सुधीर जी.

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