Thursday, December 16, 2010

पुरुषार्थ विवेकमय होना चाहिए : नवराज प्रपन्न

जयपुर . श्रीकृष्ण प्रणामी ट्रस्ट की ओर से सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन में चल रही रामकथा में बुधवार को कथाव्यास नवराज प्रपन्न ने कहा कि सभी के जीवन में पुुरुषार्थ विवेकमय होना चाहिए। पुरुषार्थ यदि श्रद्धा के साथ हो तो वह हमेशा सफल रहता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास के मिलने पर ही कार्तिकेय का जन्म होता है। कार्तिकेय का अर्थ पुरुषार्थ होता है। श्रद्धा और विश्वास का जो पुरुषार्थ है वह संसार के सारे भय को समाप्त कर देता है। कार्तिकेय स्वामी पुरुषार्थ है। पर वह अकेले नही है। उन्होंने कथा के मध्य में राम संकीर्तन व भजनों के द्वारा भक्तिरस बरसाया। इस मौके पर कथा आयोजक प्रताप सिंह सिंहासन ने रामकथा पोथी की आरती उतारी। इस मौके पर त्रिवेणीधाम के नारायणदास महाराज व गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालू उपस्थित थे।

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