Thursday, September 16, 2010

राधाष्टमी महोत्सव : आतिशी गर्जना के साथ हुआ जन्माभिषेक

श्रीराधा-गोविंददेवजी मंदिर में राधा के विग्रह स्वरूप का पंचामृत अभिषेक किया गया।
जयपुर. राधाष्टमी पर बुधवार को मंदिरों में राधाजी के जन्म की बधाइयां गूंज उठीं। कमल पुष्पों के मध्य विराजित राधाजी का पुरुषसूक्त के पाठों से पंचामृत अभिषेक किया गया। इस बीच राधाजी के आकर्षक शृंगार के साथ पदगान हुए। गोविंददेवजी मंदिर में मंगला झांकी के दर्शनों के बाद राधाजी व गोविंददेवजी का विशेष पूजन किया गया। इसके बाद राधाजी के अभिषेक के दर्शन तथा धूप झांकी से राजभोग तक छप्पनभोग झांकी के दर्शन हुए। रामगंज बाजार के लाड़लीजी मंदिर में 21 आतिशबाजी गर्जना के साथ उत्सव का शुरू हुआ। सुबह जन्माभिषेक झांकी दर्शन के बाद पंचामृत बांटा गया। धूप झांकी में चरण दर्शन हुए। शृंगार झांकी में पालना दर्शन के बाद बधाइयों के साथ उछाल की गई। ग्वारिया समाज, हेरी समाज की ओर से 'सखी री आज बरसाने सरस शोभा सुहाईऔर 'कुंवर कृपा की दृष्टि भई जैसे गीतों के बीच उछाल की गई।  सरस निकुंज पानों का दरीबा में अलबेली माधुरीशरण महाराज के सान्निध्य में आचार्य महाप्रभु श्याम चरणदासजी महाराज की जयंती के तहत छठी व राधाष्टमी उत्सव मनाया गया। चांदनी चौक के आनंद कृष्ण बिहारीजी मंदिर में भगवान का गंगाजल, केवड़ाजल, सुगंधित द्रव, पंचामृत व दुग्धाभिषेक किया गया। पुजारी मातृप्रसाद शर्मा के सान्निध्य में राधाजी को लाल पोशाक पहनाकर, ऋतुपुष्पों के साथ सोलह शृंगार किया गया। गोविंदरायजी का रास्ता के लाल बिहारी मंदिर में युगल झांकी सजी। चौड़ा रास्ता के मदन गोपालजी मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया। श्रीहित समाज मंडल की ओर से सांगानेर के राधा बल्लभ सत्संग भवन से शोभायात्रा निकाली गई।

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