Friday, April 30, 2010

नौकुंडीय महायज्ञ शुरू

 शिवाड़ . ग्राम पंचायत ईसरदा के सोलपुर के बनास नदी तट पर स्थित बालाजी मंदिर परिसर पर  बाल संत राजेंद्र दास महाराज के सान्निध्य में गुरुवार को कलश यात्रा के साथ नवकुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ की शुरुआत हुई। तेज गर्मी एवं तपती दोपहरी में सैकड़ों महिला पुरुषों ने कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा से पहले आज सुबह आठ बजे आचार्य पं. गिरिराज प्रसाद शास्त्री एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में ध्वज, कलश, चंवर एवं झालर की बोली लगाई गई। सबसे अधिक बोली ध्वज की हरिराम मीणा ने लगाई तथा प्रधान कलश की बोली रामचंद्र सारूढ्या, चंवर की हरिराम लूणीवाल तथा झालर की बोली नारायण के नाम हुई। बोली के कार्यक्रम के बाद कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा सुबह साढ़े ग्यारह बजे बनास नदी से पानी के 251 कलश भर कर बैंडबाजों के साथ रवाना हुई। इससे पूर्व मंदिर में स्थित भगवान श्रीराम की मूर्ति को भी नदी में स्नान कराया तथा कलश यात्रा के साथ लेकर आए। कलश यात्रा नदी से रवाना होकर सोलपुर गांव के मुख्य रास्तों से होती हुई महायज्ञ स्थल पर पहुंची। कलश यात्रा के दौरान आगे आगे महिलाएं भगवान श्रीराम के गीत गाती हुई चल रही थी। कलश यात्रा के दौरान बैंडबाजों एवं झालर के टंकारों के साथ श्रीराम के जयघोष से सोलपुर गांव राममय हो गया। कलश यात्रा यज्ञ स्थल पर पहुंचने के बाद पं. आचार्य गिरिराज प्रसाद शास्त्री ने गणपति अंबिका पूजन कराकर मंडप प्रवेश करवाया। यज्ञ स्थल पर दिनभर महिला पुरुषों की भीड़ लगी रही। यज्ञ के शुभारंभ अवसर को देखने के लिए सुरेली, चौथ का बरवाड़ा, पांवडेरा, ईसरदा, शिवाड़ सहित आसपास के गांवों से लोग पैदल, मोटरसाइकिल एवं अन्य साधनों से पहुंचे। इस अवसर पर ईसरदा की सरपंच सरिता मीणा, पूर्व सरपंच विमल चंद जैन, पंचायत समिति सदस्य रामप्रकाश पहलवान, उपसरपंच चौथमल गुर्जर, भागचंद सैनी, कन्हैयालाल सैनी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि बाहर से यज्ञ के दर्शनों के लिए आने वाले लोगों के लिए छाया, पानी एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। रात्रि को जागरण के कार्यक्रम होंगे। शुक्रवार को वेद स्तुति, मंडल पूजा, मंडप पूजा, अग्निनारायण प्रादुर्भाव, हवन एवं आरती होगी।

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