Saturday, January 30, 2010

पश्चिमांचल राष्ट्रीय वेद सम्मेलन शुरू, शोभायात्रा निकली

जयपुर शहर में गौड़ ब्राह्मण परिषद की ओर से शुक्रवार को तीन दिवसीय पश्चिमांचल राष्ट्रीय वेद सम्मेलन शुरू हुआ। एसएसजैन सुबोध पीजी कॉलेज और महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में यह सम्मेलन कॉलेज परिसर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन से पूर्व मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर से बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बग्घी में हयग्रीव अवतार भगवान विष्णु का चित्र सुशोभित था। मुख्य अतिथि संस्कृत शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हम भारतीय संस्कृति का संरक्षण कर सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में संस्कृत की स्वतंत्र शाखाएं खोलने का प्रयास करने की बात कही। सम्मेलन को महर्षि सांदीपनी आश्रम राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव प्रो. किशोर शर्मा, प्रो. भागीरथ सिंह, प्राचार्य डॉ. केबी शर्मा,संस्कृत महाविद्यालय के कुलपति युगल किशोर शर्मा, विजय हरितवाल, मैथिली शरण शर्मा आदि ने संबोधित किया। सम्मेलन को प्रो. भागीरथ सिंह ने कहा कि वेदों में आधुनिक विज्ञान से संबंधित शोध आज महती आवश्यकता है। सम्मेलन के आयोजक सत्यनारायण भातरा ने कहा कि परिषद प्रारंभ से रचनात्मक कार्यों का आयोजन करती रही है, जिससे समाज को हमारे प्राचीन संस्कारों व शास्त्रों का वास्तविक ज्ञान प्राप्त हो। प्राचार्य डॉ. केबी शर्मा ने कहा कि भारत जैसे सांस्कृतिक देश में अधिकाधिक वेद सम्मेलनों व संगोष्ठियां होना जरूरी है। सम्मेलन को संस्कृत महाविद्यालय के कुलपति युगल किशोर शर्मा, विजय हरितवाल, मैथिली शरण शर्मा, सुबोध महाविद्यालय संयोजक कमल संचेती  ने भी संबोधित किया। इस मौके पर प्रथम सत्र में पुणे से आए प्रो. मोरेश्वर विनायक घेसास को सम्मानित किया गया। अंत में आचार्य योगेंद्र ने धन्यवाद दिया। इस मौके पर बृजकिशोर शर्मा ने वैदिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें वेद व यज्ञों से संबंधित यज्ञ मंडप, कुंड निर्माण, मंडल निर्माण आदि को प्रायोगिक रूप से दर्शाया गया। द्वितीय सत्र में चारों वेदों का पारंपरिक विधि से वेद पाठ किया गया। पुणे व वाराणसी से आए विद्वानों के विशिष्ट आख्यान हुए। आचार्य योगेंद्र ने बताया कि तृतीय सत्र में शनिवार को सुबह 10 बजे सामवेद का वैदिक पाठ किया जाएगा।

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